In addition to conceptual and fine essays, memorization, satire and story are also provided. Students can practice free MCQs as have been added by CBSE in the new Exam pattern.

कर्नल - सआदत अली हमारा दोस्त है और बहुत ऐश पसंद आदमी है इसलिए हमें अपनी आधी मुमलिकत (जायदाद, दौलत) दे दी और दस लाख रूपये नगद। अब वो भी मज़े करता है और हम भी।, उम्मीद - आशा / भरोसा कर्नल - (सिपाही से) सिपाहियों से कहो, इस सवार पर नज़र रखें कि ये किस तरफ़ जा रहा है (सिपाही सलाम करके चला जाता है) कर्नल – सआदत अली हमारा दोस्त है और बहुत ऐश पसंद आदमी है इसलिए हमें अपनी आधी मुमलिकत (जायदाद, दौलत) दे दी और दस लाख रूपये नगद। अब वो भी मज़े करता है और हम भी।, लेफ्टिनेंट – सुना है ये वज़ीर अली अफ़गानिस्तान के बादशाह शाहे-ज़मा को हिन्दुस्तान पर हमला करने की दावत (आमंत्रण) दे रहा है।, कर्नल – अफ़गानिस्तान को हमले की दावत सबसे पहले असल में टीपू सुल्तान ने दी फिर वजीर अली ने भी उसे दिल्ली बुलाया और फिर शमसुद्दौला ने भी।, कर्नल – नवाब बंगाल का निस्बती (रिश्ते) भाई। बहुत ही खतरनाक आदमी है।, लेफ्टिनेंट – इसका तो मतलब ये हुआ कि कंपनी के ख़िलाफ़ सारे हिन्दुस्तान में एक लहर दौड़ गई है।, कर्नल – जी हाँ, और अगर ये कामयाब हो गई तो बक्सर और प्लासी के कारनामे धरे रह जाएँगे और कंपनी जो कुछ लॉर्ड क्लाइव के हाथों हासिल कर चुकी है, लॉर्ड वेल्जली के हाथों सब खो बैठेगी।, लेफ्टिनेंट – वज़ीर अली की आज़ादी बहुत खतरनाक है। हमें किसी-न-किसी तरह इस शख्स को गिरफ्तार कर ही लेना चाहिए।, कर्नल – पूरी एक फ़ौज लिए उसका पीछा कर रहा हूँ और बरसों से वह हमारी आँखों में धूल झोंक रहा है और इन्ही जंगलों में फ़िर रहा है और हाथ नहीं आता। उसके साथ चंद जाँबाज़ हैं। मुठ्ठी भर आदमी मगर ये दमखम है।, लेफ्टिनेंट – सुना है वज़ीर अली जाती तौर से भी बहुत बहादुर आदमी है।.

Q4- इन्होने स्नातक की उपाधि कहाँ से प्राप्त की ? Get step by step solutions for the questions given in class 10 Hindi Sparsh textbook from the latest NCERT as per board exam guidelines.

Here is a compilation of Free MCQs of Class 10 Hindi Sparsh book Chapter 17 – Kaartoos by Habeeb Tanvar.

A) वह स्वयं वज़ीर अली था B) कर्नल से उत्तर – सआदत अली, वज़ीर अली का चाचा और आसिफ़उद्दौला का भाई था। वज़ीर अली के पैदा होने को सआदत अली ने अपनी मौत ही समझ लिया था क्योंकि वज़ीर अली के पैदा होने के बाद अब वह अवध के सिंहासन को हासिल नहीं कर सकता था।.

C) कोई नहीं D) कोई नहीं. ज़माना - 1799

इतने लाव-लश्कर की क्या जरूरत है? प्रश्न 1 - लेफ़्टिनेंट को ऐसा क्यों लगा कि कंपनी के ख़िलाफ़ सारे हिन्दुस्तान में एक लहार दौड़ गई है ? D) सआदत अली. 2016 D) कोई नहीं, A) १९२३ में

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C) गुलाम अली

D) वज़ीर अली का, Q35- कंपनी के वकील का क़त्ल किसने किया ? D) कोई नहीं, A) सआदत अली का A) वज़ीर अली कर्नल - जी हाँ, और अगर ये कामयाब हो गई तो बक्सर और प्लासी के कारनामे धरे रह जाएँगे और कंपनी जो कुछ लॉर्ड क्लाइव के हाथों हासिल कर चुकी है, लॉर्ड वेल्जली के हाथों सब खो बैठेगी।, (यहाँ लेफ्टिनेंट और कर्नल बात कर रहे हैं कि अगर सारा हिंदुस्तान एक हो कर कंपनी के खिलाफ युद्ध छेड़ दे तो क्या होगा), लेफ्टिनेंट कह रहा है कि कहीं से खबर है कि वज़ीर अली अफ़गानिस्तान के बादशाह शाहे-ज़मा को हिन्दुस्तान पर हमला करने के लिए आमंत्रित कर रहा है। इस पर कर्नल कहता है कि असल में सबसे पहले अफ़गानिस्तान को हिन्दुस्तान पर हमला करने के लिए टीपू सुल्तान ने आमंत्रित किया था और उसके बाद वज़ीर अली ने और फिर शमसुद्दौला ने भी अफ़गानिस्तान को हिन्दुस्तान पर हमला करने के लिए आमंत्रण दिया। लेफ्टिनेंट कर्नल से पूछता है कि शमसुद्दौला कौन है । कर्नल लेफ्टिनेंट को बताता है कि शमसुद्दौला बंगाल के नवाब का भाई है और बहुत ही खतरनाक आदमी है। लेफ्टिनेंट सारी बातों को सुन कर कहता है कि इसका अर्थ तो यह हुआ कि अब सारे हिन्दुस्तान में कंपनी के खिलाफ एक लहर दौड़ रही है अर्थात सारा हिन्दुस्तान कंपनी के खिलाफ हो रहा है। कर्नल भी इस बात पर हामी भरता हुआ कहता है कि अगर सच में ऐसा हो गया तो बक्सर और प्लासी की लड़ाई इसके सामने कुछ भी नहीं होगी और कंपनी ने जो कुछ हिन्दुस्तान में लॉर्ड क्लाइव के समय में हासिल किया था, वह सब लॉर्ड वेल्जली के समय अर्थात आने वाले समय में खो देगी।. उत्तर - वज़ीर अली वकील की हत्या करने के बाद भाग गया था। वह अपने साथियों के साथ आज़मगढ़ की तरफ़ भाग गया। आज़मगढ़ के शासकों ने उन सभी को अपनी सुरक्षा देते हुए घागरा तक पहुँचा दिया। तब से वह वहाँ के जंगलों में ही रहने लगा।, प्रश्न 5 - सवार के जाने के बाद कर्नल क्यों हक्का-बक्का रह गया ? CBSE Reduced Syllabus by 30% for Session 2020-21, When CBSE will Conduct Remaining Exams (COVID-19), CBSE Board Exams Postponed Till March 31, 2020, List of Centres where CBSE Exam is Postponed on 26 and 27 Feb 2020. See Video Explanation of Chapter 17 Kartoos Class 10, लेखक - हबीब तनवीर

C) मुंशी प्रेम चंद उत्तर – वज़ीर अली सवार बन कर अकेले ही अंग्रेजों के तम्बू में गया और कर्नल को ऐसे दिखाया जैसे यह भी वज़ीर अली के खिलाफ है। उसने कर्नल को कहा की उसे वज़ीर अली को गिरफ़्तार करने के लिए कुछ कारतूस चाहिए। कर्नल को लगा की वह भी वज़ीर अली को पकड़ना चाहता है इसलिए कर्नल ने सवार को दस कारतूस दे दिए। इस तरह सवार ने कर्नल से कारतूस हासिल किए।, प्रश्न 4 – वज़ीर अली एक जाँबाज़ सिपाही था, कैसे ? जन्म - 1923 (छत्तीसगढ़, रायपुर), अंग्रेज इस देश में व्यापारी का भेष धारण कर के आये थे। किसी को कोई शक न हो इसलिए वे शुरू-शुरू में व्यापार ही कर रहे थे, परन्तु उनका इरादा केवल व्यापार करने का नहीं था। व्यापार के लिए उन्होंने जिस ईस्ट-इंडिया कंपनी की स्थापना की थी, उस कंपनी ने धीरे-धीरे देश की रियासतों पर अपना अधिकार स्थापित करना शुरू कर दिया। उनके इरादों का जैसे ही देशवासियों को अंदाजा हुआ उन्होंने देश से अंग्रेजों को बाहर निकालने के प्रयास शुरू कर दिए।, प्रस्तुत पाठ में भी एक ऐसे ही अपनी जान पर खेल जाने वाले शूरवीर के कारनामों का वर्णन किया गया है। जिसका केवल एक ही लक्ष्य था -अंग्रेजों को देश से बाहर निकालना। कंपनी के हुक्म चलाने वालों की उसने नींद हराम कर राखी थी। वह इतना निडर था कि मुसीबत को खुद बुलावा देते हुए न सिर्फ कंपनी के अफसरों के बीच पहुँचा बल्कि उनके कर्नल पर ऐसा रौब दिखाया कि कर्नल के मुँह से भी उसकी तारीफ़ में ऐसे शब्द निकले जैसे किसी दुश्मन के लिए नहीं निकल सकते।, प्रस्तुत पाठ में एक ऐसे अपनी जान पर खेल जाने वाले शूरवीर के कारनामों का वर्णन किया गया है, जिसका केवल एक ही लक्ष्य था-अंग्रेजों को देश से बाहर निकालना। प्रस्तुत पाठ में लेखक ने चार व्यक्तियों का वर्णन किया है, वे हैं - कर्नल, लेफ़्टीनेंट, सिपाही और सवार।, पात्र - कर्नल, लेफ़्टीनेंट, सिपाही, सवार

NCERT Solutions for Class 10th: पाठ 17- कारतूस स्पर्श भाग-2 हिंदी . स्पष्ट कीजिए।उत्तरवज़ीर अली सचमुच एक जाँबाज सिपाही था। वह बहुत हिम्मती और साहसी था। उसे अपना लक्ष्य पाने के लिए जान की बाजी लगानी आती थी। जब उससे अवध की नवाबी ले ली गई तो उसने अंग्रेज़ों के विरुद्ध संघर्ष करना शुरू कर दिया। उसने गवर्नर जनरल के सामने पेश होने को अपना अपमान माना और पेश होने से साफ मना कर दिया। गुस्से में आकर उसने कंपनी के वकील की हत्या कर डाली। यह हत्या शेर की माँद में जाकर शेर को ललकारने जैसी थी। इसके बाद वह आज़मगढ़ और गोरखपुर के जंगलों में भटकता रहा। वहाँ भी निडर होकर अंग्रेज़ों के कैंप में घुस गया था। उसे अपनी जान की भी परवाह नहीं थी। उसके जाँबाज़ सिपाही होने का परिचय उस घटना से मिलता है जब वह अंग्रेज़ों के कैंप में घुसकर कारतूस लेने में सफल हो जाता है तथा कर्नल उसे देखता रह जाता है। इन घटनाओं से पता चलता है कि वह सचमुच जाँबाज़ आदमी था।, प्रश्न 1.मुट्ठीभर आदमी और ये दमखम।उत्तर-इसका आशय है कि वज़ीर अली के पास मुट्ठी भर आदमी थे, अर्थात् बहुत कम आदमियों की सहायता या साथ था, फिर भी इतनी शक्ति और दृढ़ता का परिचय देना कमाल की बात थी। सालों से जंगल में रहने पर भी स्वयं कर्नल, उनकी सेना का बड़ा समूह; जो बहु-संख्या में युद्ध-सामग्री से लैस था, मिलकर भी उसे पकड़ नहीं पाए थे। उसकी अदम्य शक्ति और दृढ़ता को जीत नहीं पाए थे। वह हर काम इतनी सावधानी तथा होशियारी से करता था कि मुट्ठी भर आदमियों ने ही कर्नल के इतने बड़े सेना समूह की नाक में दम कर दिया था।, प्रश्न 2.गर्द तो ऐसे उड़ रही है जैसे कि पूरा एक काफ़िला चला आ रहा हो मगर मुझे तो एक ही सवार नजर आता है।उत्तर-यह कथन अंग्रेज़ों की फौज़ के लेफ़्टीनेंट का है। वज़ीर अली अकेला ही पूरे काफ़िले के समान था। वह तूफान की तरह शक्तिशाली और गतिशील था। उसके घोड़े की टापों से उड़ने वाली धूल ऐसा आभास देती थी मानो पूरी फौज़ चली आ रही है। इस वाक्य से आने वाले सवार के व्यक्तित्व की महानता की झलक मिलती है जो अकेले होते हुए भी अकेला नहीं दिखता। यह सवार वज़ीर अली था जिसका पता किसी को न चला।, प्रश्न 1.निम्नलिखित शब्दों का एक-एक पर्याय लिखिए-खिलाफ़, पाक, उम्मीद, हासिल, कामयाब, वजीफ़ा, नफ़रत, हमला, इंतेज़ार, मुमकिनउत्तर-विरुद्ध, पवित्र, आशा, प्राप्त, सफल, छात्रवृत्ति, घृणा, आक्रमण, प्रतीक्षा, संभव, प्रश्न 2.निम्नलिखित मुहावरों का अपने वाक्यों में प्रयोग कीजिए-आँखों में धूल झोंकना, कूट-कूटकर भरना, काम तमाम कर देना, जान बख्श देना, हक्का-बक्का रह जाना।उत्तरमुहावरा – वाक्य प्रयोगआँखों में धूल झोंकना – तात्याँटोपे अंग्रेजों की आँखों में धूल झोककर रानी लक्ष्मीबाई की मदद करते रहे।कूट-कूटकर भरना – चंद्रशेखर में देशभक्ति और देशप्रेम की भावना कूट-कूटकर भरी थी।काम तमाम कर देना – पठानकोट में सुरक्षाबलों ने चार आतंकियों का काम तमाम कर दिया।जान बख्श देना – मुहम्मद गोरी को बंदी बनाने के बाद भी पृथ्वीराज चौहान ने उसकी जान बख्श दी।हक्का-बक्का रह जाना – पाकिस्तान द्वारा आतंकवादियों का पक्ष लेते देख विश्व के कई राष्ट्र हक्के-बक्के रह गए।, प्रश्न 3.कारक वाक्य में संज्ञा या सर्वनाम का क्रिया के साथ संबंध बताता है। निम्नलिखित वाक्यों में कारकों को रेखांकित कर उनके नाम लिखिए-, प्रश्न 4.क्रिया का लिंग और वचन सामान्यतः कर्ता और कर्म के लिंग और वचन के अनुसार निर्धारित होता है। वाक्य में कर्ता और कर्म के लिंग, वचन और पुरुष के अनुसार जब क्रिया के लिंग, वचन आदि में परिवर्तन होता है तो उसे अन्विति कहते हैं।क्रिया के लिंग, वचन में परिवर्तन तभी होता है जब कर्ता या कर्म परसर्ग रहित हों;जैसे- सवार कारतूस माँग रहा था। (कर्ता के कारण)सवार ने कारतूस माँगे। (कर्म के कारण)कर्नल ने वज़ीर अली को नहीं पहचाना। (यहाँ क्रिया, कर्ता और कर्म किसी के भी कारण प्रभावित नहीं है), अतः कर्ता और कर्म के परसर्ग सहित होने पर क्रिया कर्ता और कर्म से किसी के भी लिंग और वचन से प्रभावित नहीं होती और वह एकवचन पुल्लिंग में ही प्रयुक्त होती है। नीचे दिए गए वाक्यों में ‘ने’ लगाकर उन्हें दुबारा लिखिए-, प्रश्न 5.निम्नलिखित वाक्यों में उचित विराम-चिह्न लगाइए-, प्रश्न 1.पुस्तकालय से रॉबिनहुड के साहसिक कारनामों के बारे में जानकारी हासिल कीजिए।उत्तर-छात्र स्वयं करें।, प्रश्न 2.वृंदावनलाल वर्मा की कहानी इब्राहिम गार्दी पढ़िए और कक्षा में सुनाइए।उत्तर-छात्र स्वयं करें।, प्रश्न 1.‘कारतूस’ एकांकी का मंचन अपने विद्यालय में कीजिए।उत्तर-छात्र स्वयं करें।, प्रश्न 2.‘एकांकी’ और ‘नाटक’ में क्या अंतर है? C) वज़ीर अली का कारतूस - पीतल और दफ़्ती आदि की एक नली जिसमे गोली तथा बारूद भरी जाती है C) बंगाल के दरबार में ५ महीने में

C) उर्दू फ़ारसी मिश्रित हिंदी

B) कंपनी के सिपाहिओं को

समय - रात्रि का कर्नल कांलिज ने वज़ीर अली को गिरफ़्तार करने के लिए जंगल में खेमा लगाए हुए था ।, सवार खुद वज़ीर अली था जो कि बहुत बहादुर था और शत्रुओं को ललकार रहा था।, कारतूस नाटक में मुख्य पात्र कर्नल, लेफ्टिनेंट, सिपाही तथा सवार (वज़ीर अली) हैं |, इस पंक्ति में वज़ीर अली के साहस और वीरता का परिचय है। वह थोड़े से सैनिकों के साथ जंगल में रह रहा था। अंग्रेज़ों की पूरी फ़ौज उसका पीछा कर रही थी फिर भी उसे पकड़ नहीं पा रही थी।, सआदत अली आराम पसंद अंग्रेज़ों का पिट्ठू था। अंग्रेज़ कर्नल द्वारा उसे तख्त पर बिठाने का मकसद अवध की धन सम्पत्ति पर अधिकार करना था। उसने अंग्रेज़ों को आधी सम्पत्ति और दस लाख रूपये दिए। इस तरह सआदत अली को गद्दी पर बैठने से उन्हें लाभ ही लाभ था।, लेफ़्टीनेंट को जब कर्नल ने बताया कि कंपनी के खिलाफ़ केवल वज़ीर अली ही नहीं बल्कि दक्षिण में टीपू सुल्तान, बंगाल में नवाब का भाई शमसुद्दौला भी है। इन्होंने अफ़गानिस्तान के बादशाह शाहेज़मा को आक्रमण के लिए निमत्रंण दिया है। यह सब देखकर लेफ़्टीनेंट को आभास हुआ कि कंपनी के खिलाफ़ पूरे हिन्दुस्तान में लहर दौड़ गई है।, वज़ीर अली को अंग्रेज़ों ने अवध के तख्ते से हटा दिया पर उसने हिम्मत नहीं हारी। वज़ीफे की रकम में मुश्किल डालने वाले कंपनी के वकील की भी हत्या कर दी। अंग्रेज़ों को महीनों दौड़ाता रहा परन्तु फिर भी हाथ नहीं आया। अंग्रेज़ों के खेमे में अकेले ही पहुँच गया,कारतूस भी ले आया और अपना सही नाम भी बता गया। इस तरह वह एक जाँबाज़ सिपाही था।, सवार कर्नल से एकांत में बात इसलिए करना चाहता था ताकि कोई अन्य व्यक्ति सुन न ले |वास्तव में वह सवार स्वयं वजीर अली था|साहस और चतुराई का जो खतरनाक खेल खेलने के लिए वह खेमे में आया था,उसके लिए एकांत जरूरी था |, लेफ्टिनेंट द्वारा पूछे जाने पर कर्नल ने वज़ीर अली की स्कीम बताते हुए कहता है कि वे किसी तरह नेपाल पहुँचना चाहते हैं। उनकी योजना है कि अफ़गानी हमले का इंतज़ार करें तथा ताक़त बढ़ाएँ। वह सआदत अली को उसके पद से हटाकर खुद कब्ज़ा करे और अंग्रेज़ों को हिन्दुस्तान से निकाल दे। लेफ्टिनेंट अपनी शंका जताते हुए कहता है कि हो सकता है की वे लोग नेपाल पहुँच गए हों जिसपर कर्नल उसे भरोसा दिलाते हुए बताता है कि अंग्रेजी और सआदत अली की फौजें बड़ी सख्ती से उनका पीछा कर रही हैं और उन्हें पता है कि वह इन्हीं जंगलों में है।, एक सिपाही आकर कर्नल को बताता है कि दूर से धूल उड़ती दिखाई दे रही है लगता है कोई काफिला चला आ रहा हो। कर्नल सभी को मुस्तैद रहने का आदेश देता है। लेफ्टिनेंट और कर्नल देखते हैं कि केवल एक ही आदमी है। कर्नल सिपाहियों से उसपर नजर रखने को कहता है। घुड़सवार उनकी ओर आकर रुक जाता है और इज़ाज़त लेकर कर्नल से मिलने अंदर जाता है और एकांत की माँग करता है जिसपर कर्नल सिपाही और लेफ्टिनेंट को बाहर भेज देते हैं। वह कर्नल से कहता है कि वज़ीर अली को पकड़ना कठिन है और कारतूस की माँग करता है। कर्नल उसे कारतूस दे देता है। जब वह कारतूस लेकर जाने लगता है तो कर्नल उससे उसका नाम पूछता है। वह अपना नाम वज़ीर अली बताता है और कारतूस देने के कारण उसकी जान बख्शने की बात कहता है।, Teesri Kasam ke Shilpkaar Shailendra (Deleted).